Jaega kya?
अब जाएगा भी तो क्या जाएगा, बचा कुछ भी नहीं! नाम लिखा है उस मकान पर हमारा, उस घर में बचा कुछ भी नहीं! ज़मीन बहुत है मेरी, मेरे हक़ में, पर मुझे अपने आसमान का पता कुछ भी नहीं! वो चिड़िया आज भी दाना लेने आती है, दे तो दूँ, पर देने वाले का नाम पूछे तो मुझे पता कुछ भी नहीं!
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