intejar
बीत गयी बरसातें और ओस का समन्दर भी आ गया आ गयी सर्द रात वो सितारों से जगमगाता अम्बर भी आ गया नही आयी खबर कोई ना खत आया कोई मुझ तक इक खत्म नही हुआ तुम्हारा इन्तेज़ार देखो आखिरी दिसम्बर भी आ गया 🫰
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