Indian Army
हमारा रिश्ता अंगार से, कोयले से जलना सीखा। पानी क्या ख़ाक बुझाएगा, हमने बारिश से सुलगना सीखा। यूँ ही नहीं, विजयी भव,कहलाते, हमने आफ़ताब से जीतना सीखा।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
हमारा रिश्ता अंगार से, कोयले से जलना सीखा। पानी क्या ख़ाक बुझाएगा, हमने बारिश से सुलगना सीखा। यूँ ही नहीं, विजयी भव,कहलाते, हमने आफ़ताब से जीतना सीखा।
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets