i feel like a begger
तुमने मुझे हमेशा अधूरा और अनाथ महसूस कराया तुम्हारी बातों में मिठास थी, पर वो कभी मेरे हिस्से नहीं आई। तुम्हारे कदमों में मंज़िल थी, पर उस रास्ते पर मेरी जगह नहीं थी। मैंने हर बार तुम्हारे साए में, अपना आसमान खोजा। पर तुमने हर बार, मुझे एक बंद खिड़की का अंधेरा थमाया। तुम्हारे वादों की आग में, मैंने अपने सपने जलाए। तुम्हारी खामोशियों की तलवार ने, मेरे दिल के टुकड़े कर दिए। तुमने मुझे ऐसे छोड़ा, जैसे टूटे हुए पत्ते को, हवा छोड़ देती है रास्ते के हवाले। जैसे बहती हुई नदी, अपने किनारों को भूल जाती है। तुमने मुझे अधूरा किया, जैसे कोई गीत बिना सुर के। तुमने मुझे अनाथ किया, जैसे मंदिर का दिया बिना तेल के। तुम्हारे बिना हर रात, एक लंबा सन्नाटा है। हर सुबह, एक अधूरा सूरज है। क्या तुम्हें पता है, अधूरे दिल का दर्द कैसा होता है? क्या तुमने कभी महसूस किया है, खुद को खोते हुए, किसी और में मरना? तुमने मुझे सिर्फ छोड़ा नहीं, तुमने मुझे खत्म कर दिया। एक अनसुनी कहानी की तरह, जो कभी किसी किताब में नहीं लिखी गई।
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