Happy Mother's Days 2024
रिमझिम बारिश में यूँ मोर सा झुमा था वो दिन तेरे साथ जो बिताया, पुरी रात सपनों में घुमा था वो रात जो बिजलियों से डर के तेरे आंचल में निभायी, मोहक अतीत की वो स्मृतियां हर सावन याद आयी वो छोटा सा बच्चा बड़ा होना चाहता था पर बड़ा होकर तुझे ना खोना चाहता था तेरी वो मधुर आवाज़ आज भी कानों को सुनाती है माँ तू दूर होकर भी पास होने का अहसास कराती है चाहे स्कूल के टिफ़िन के पराठे की खुशबू हो या तेरे गुस्से की ललकार का स्वाद सबकुछ चखना चाहता हूं, चाहे जहाँ भी जाऊं माँ, तुझे हमेशा अपने पास रखना चाहता हूं मैं वही बच्चा हूं आज भी माँ, फिर से अपना ले मुझे, दूर करने की जगह, अब फिर से गले लगा ले मुझे....
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