From the heart of Rohit shrma
शायद यह सपने अब ख्वाब रह जाएंगे , सपनों की चादर पर कुछ दाग रह जाएंगे जिसकी चाहत में उस रात ये आंखे नम थी , उस चाहत को पाने के केवल जज्बात रह जाएंगे ।। " मुझे वर्ल्ड कप दिखता है " , इस लाइन पर एक कहानी लिखी जाएगी कहानी के अंदर छुपी दिवानगी पढ़ी जायेगी , जिन प्रयासों ओर कोशिशों पर सपने पलते है , वो सपने ही अंत में महज एक दर्द रह जाएगी , अंत में आपको वो हारा सख्श नजर आएगा , जिसके हार की कहानी , पूरे देश को सताएगा।। " अरे वर्ल्ड कप जीतने के बाद पटाखे फोड़ों " वाले पटाखे अभी भी रखें हे सब , पर उसे जलाने की शायद हिम्मत नहीं बची है अब , वो मेरे कमरे के कोने से मुझे झांकता है जब , मेरी गुमनामी में भी शोर भर जाता है तब , । क्योंकि शायद उन पटाखों को यह बात मसरूफ है, की उसकी अस्तित्व की वजह , किसी के हार से है ।।।।
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