Eshaas Mere Dil ke
एहसास एक एहसास तेरी यादों का दिल को छू कर यूं निकल जाता है रहता है तू दूर-दूर मुझसे पर तेरे एहसास की खुशबू से मेरा मन महक जाता है , ना जाने कौन सी कशिश है तेरे एहसास में जो तू दूर रहकर भी हर पल मेरे साथ रहता है, क्या कहूं तेरे एहसास को अपनी जिंदगी का सार मानु या जीवन जीने की कला, मानो दुखी हो जाती हूं कभी कभी खुद से भी , पर तेरे एहसास की खुशबू से इस चेहरे पर मुस्कुराहट के रूप में अपने आप यूं बिखर जाती है, मानो जिंदगी तेरे लिए हैं और आंखों में तेरी सूरत बन जाती है , क्या नाम दूं तेरे इस एहसास को कुछ एहसास नाम से परे होते हैं, कुछ होते हैं बहुत खास और कुछ दिल में उतर जाते हैं जो दिल में उतर जाते हैं वह दिल की धड़कन बन जाते हैं, क्या नाम दूं तेरे एहसास को जो रहता है मेरे दिल में हर पल बन कर मेरा ख्याल , उस एहसास को क्यों ना मैं दिल दे दूं नाम , दिल जो मेरा हर पल तेरे नाम से धड़कता है चल तेरे एहसास को आज मैंने दिल नाम दिया , रहना तू यूं ही हर पल मेरे साथ बनकर एक खूबसूरत और प्यारा सा एहसास !! शिवंशी सीमा चक्रवर्ती... ©
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