Ek Safar
हर किसी का आखिर आखिरी सफर समझ कर... मुस्कुराते हुए करते रहे अलविदा... चेहरे पे अनजान सी खुशी... दिखाती है अपना सा अपनापन... ना अमीरी, ना गरीबी देखती है... यह वक्त ना उच्च, ना नीच... चेहरे भुला दिए जाते हैं कुछ ही वक्त में... कुछ हसीन पल ठहर के मुस्कुराते हुए खो जाते हैं।
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
