$₹$ धर्म श्रेष्ठ $₹$
$$❤️ कोई धर्म की बातें बोलता तो कोई मजहब की बातें करता है..!! धर्म और मजहब में फर्क एक नहीं अनेक , जितनी सोच उतनी जुबा बातें बोलते - बनाते हजार हैं..!! धर्म और मजहब में फर्क क्या करना सोच ही विलुप्त है..!! धर्म सृष्टि प्रारंभ से अंत तो मजहब उस सृष्टि का छोटा सा कर्ण मात्र है..!! धर्म सृष्टि संचालक जीव - जन्तु - कर्ण - कर्ण - जल - अग्नि - वायु का त्याग - व्यवहार और निर्माण समझता है..!! बातें एक नहीं हजार सबकुछ समझ कि बात - एक ही बात - एक ही आधार - जीवन का सार इन्सान श्रेष्ठ इंसानियत समझता है ❤️..!! $$ @mit $$. © $₹$ @mitgorakhpuri $₹$
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