$₹$ इन्सान प्यार - व्यवहार $₹$
$$💞💗❣️💕 इन्सान भी अच्छे और प्यार भी सच्चे हुआ करते थे..!! वह वक्त कुछ और होता था..।। समय लोगों के पास अत्यधिक अपनों के संग - संग औरों के लिए भी हुआ करता था.!! लगाओ और प्यार दिखावा नहीं होता था.!! मतलब से ही सही लेकिन निर्वाह होता था..!! रिश्तो की कदर रिश्तों की परख हुआ करता था..!! टूट कर बिखर ना जाए जीवन कि डोर इसलिए समय-समय पर समेटा करता था..! इन्सान - इन्सान कि तो छोड़ो ये तो फिर भी बोलते , जो बेजुबान होते उन जीव - जन्तु को भी समझता था..!! प्यार परिभाषित नहीं व्यक्तित्व में छलकती थी..!! दूसरों की गलतियों पर खुद की भी गलती निकाल कर क्षमा कर दी जाती थी..!! समय अब वह नहीं इन्सान तो वहीं मगर व्यवहार नहीं है..!! प्यार एक दिखावा समय किसी के पास नहीं है..!! पूर्ण मतलब की हो गई दुनिया है..!! इन्सान - इन्सान को ही समझता - जानता नहीं है.. 💕💞💗❣️..!! © $₹$ @mitgorakhpuri $₹$
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