$₹$ इन्सान स्वयं अकेला $₹$
$$💕💞 इन्सान इस धरती पर अकेला आया - अकेला ही जाना सभी इन्सान का सिर्फ एक पक्ष ही होता है..!! इन्सान का दूसरा पक्ष सांसारिक मोह माया , उसका अपने त्याग और स्वार्थ बस किए या हुए उसके कर्म होते है..!! इस धरती पर इन्सान तो बस इन्सान ना स्त्री - ना पुरुष केवल रिश्ते ,कर्तव्य और नाम इस धरती पर मोह-माया बस बनते - बिगड़ते रहते हैं..!! इन्सान बुद्धिजीवी होते हुए कभी - कभी खुद गलती कर अपने लगाव बस स्वयं ही दुखों का झेलता और खुद कारण होता है..💞💕💖..!! $$ @mit $$
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