$₹$ इन्सान के सपने $₹$
$$💗💞💕 इन्सान अपने जीवन मे सपने सजाए बैठा सतरंगी है..!! अपने व्यवहार और आचरण का एहसास नही रहता है..!! सपने पूरे करने के प्रयास में भागता फिरे है..!! सपने तो सपने होते , जो सजाते पूरे होने के लिए , मगर एक वक्त गुजर जाता है..!! इन्सान के मुट्ठी मे बंद रेत समान वक्त हाथों से निकल जाता है..!! इन्सान कि जिन्दगी फिर उदास हर बार नए सपनों कि तलाश, बस पास और साथ संघर्ष रह जाता है... 💗💞💕..!! $$ @mit $$
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