$$ मन भ्रमित $$
$$💖💕💕 इन्सान दिन - भर की भाग दौड़ से अपने मन में उथल-पुथल कुछ भ्रमित राहों पर रहता है..!! कभी इधर - कभी उधर दिनभर इसी में उलझा रहता है..!! दिन ढल कर सांझ आती , थोड़ा सुकूनभरी फिर रात का अंधेरा शांत मन , रात की तनहाई में कहीं अपनी यादों संग गुम जाती है.. 💖💕..!! $$ @mit $$
Ad
Poetry Books 50% Off
Bestselling collections from top poets
Shop Now →
