$$ सागर रुपी मन $$
$$💓💗सागर की गहराई और लहरों के तूफान - उफ़ान से कौन संभल पाता है..!! वो खुद ना शांत होना चाहे कौन उसको शान्त कराता है..!! तूफान के लहरें उठती फिर खुद शांत होती है..!! लहरों की चंचलता खुबसूरती लिए फिर लहराती शांत बहते मन - मुग्ध करते हैं..!! सागर की लहरे खुद राह बनाएं नदियां बन बह जाती है..!! व्याकुल मन कि यही व्यथा हर बातों संग उफ़ान - उलझती तो बोतों से ही राह बनातीें है.💓💗.!! ©$$ @mit $$
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