$$ रूठें को मनाना $$
$$💖💓 किसी रूठे हुए अपने की बातें मानकर एक बार ठहर जाए , क्या पता कुछ बातें फिर उसे मनाने से वह मान जाए , यह सोच कर रुक जाए , इन्सान नासमझ बहुत हर बातों पर तर्क - वितर्क बहुत करता , फिर नाराज भी खुद होता है..!! इन्सान के जिन्दगी में नोंक - झोंक लगी रहती है..!! इन्सान से गलती होना लाजमी तो रुकना - रुठना - मनाना भी बनता है💗💓!! ©$$ @mit $$
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