Dhokha.. pyar ka Dusra naam..
बारिश का आना भी इत्तफाक नहीं, कुछ चीजों का होना तो रब का लिखा होता है.. याद आई वो पहली बारिश जब तुझे एक नज़र देखा था..तेरा प्यार से मुस्कुराके मुझे प्यार का इजहार करना कुछ तो था जादू उस बारिश मे .. लेकिन बारिश खत्म प्यार खत्म तेरा अचानक से जिंदगी से दूर जाना..वादा था तोड़ दिया, प्यार था बदल गया, कभी साथ ना छोड़ने की बात थी लेकिन राहों में ही साथ छोड़ दी.. उम्मीद अब क्या करूं सुना था लोग बदल जाते हैं पर उन लोगों में कभी तुम्हें गिना नहीं था, जब अपने बदल ते हे तो पता चल ता है कि किसी पे यकीन करना भी एक धोखा होता है..
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