🌙🌚dekha mera hamsafar🥰🤫
एक रोज चाँद मुझे छत पे जो मिला, तो पुछा मैंने हाल खबर । क्या दिखा तुम्हे तुम्हारे जैसा नुर याहा। चाँद तुम जाते हो ना कही शहर ? वो बोला बेहद पागल तुम हो, भला नाम पता बताओ तो। मैं किसकी दे दू तुमको खबर, जरा नुर मुझे भी दिखायो तो। मैंने सोचा अब क्या तुमे कहूँ, वो सुन्दर सजन सयाना है। है थोड़ी दूर वो मुझसे पर, खवाबों में आना जाना है। चाँद जरा सहमा बोला, तु रोज सिफारिश करती है। तु जिसके उपर मरती है, वो जाने कितनो पर मरता है। चल तुने पुछा हाल खबर, तो बस तुमे इतना बतलाता हूँ। वो रोज मिले मुझे नहीं गली , मै जिस गली में जाता हूँ।
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