dear papa
कहना बहुत कुछ था आपसे , पर कह ना कभी पाती, फीस भरने की तारीख ना कभी बदलती, पर आपके पेमेंट की हर बारी आगे बढ़ती रहती, आपकी टेंशन ना कभी खत्म होती कभी भाई तो ,कभी मेरी चिंता हर रोज है आपको खूब सताती, "माता पिता गुरु देवता " यही आप हर रोज सिखाते, पर आपको पता है गुरु भी आप और देवता भी आप में दिखता, भविष्य आपके खून पसीने से ही बनता।। ये दुनिया इतनी मतलबी, खून करने तैयार रहती, अब तक आपने सब से बचाया , और अब सामना करने का हौंसला भी आपसे ही मिलता, कभी हारा हुआ महसूस ना होने दिया, आंसू हमारे खुद सींच, अपने होने का अहसास हर बार जताया, आपके ना होने का ख्याल जब भी आता, रूह मानो शरीर छोड़ जाती, ये कल्पना मानो दिल दहला देती।।। मेरी उम्र भी आपको लग जाय, आपसे पहले हम चले जाय।।
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