Dear PAPA
मां की ममता पर तो बहुत कुछ लिखा गया, पापा के त्याग पर लिखना मुश्किल है । मिल तो सकती हैं कई जिंदगियां मुझको, पर आप सा पिता मिलना मुश्किल है।। लिख नहीं पाऊंगी मैं शब्दों में, क्या है मेरे लिए आपका मोल । एक बार तो खो चुकी हूं, अब आप बन गए हैं और भी अनमोल।। अब बस यही तमन्ना है कि...... आपके हृदय में मिले मुझे भी , थोड़ा सा स्थान । बेटी बन कर जब आऊं मैं, सदा बढ़ाऊं आपका मान।। हो जाए जो कभी कोई भूल चूक कर दीजिएगा मुझे माफ़ पहले तो सिर्फ “केशव " के थे , अब मेरे भी पिता हैं आप ।।🙏
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