जाने देना By प्रशांत
सबको मिल जाते हैं चाहने वाले और भी, मसला मेरा है मैं नहीं चाहता मुझे चाहे कोई और भी, दुनियां की बातें लगती हैं कड़वी मुझे, लगता है लता जी की आवाज की तरह तुम्हारा शोर भी। इंतजार तुम्हारा मेरे हृदय में दम तोड़ चुका है, दिल भी धड़कनों को छोड़ कफ़न ओढ़ चुका है, इस दिल को उम्मीद सुकून की थी तुमसे, अंजाम पता था फिर भी बर्बाद हो गया तुमसे। अगर तुम समझ पाते मेरे हृदय की पीड़ा तो तुम खुद को कभी माफ नहीं कर पाओगे, मोहब्बत करना तुम्हारे बस की बात नहीं, तुम कभी प्यार के लिए दुनियां से लड़ नहीं पाओगे। तुम्हारा ठहरना या चले जाना ये महज इस सांसारिक दृष्टि से तुम्हें मुझसे अलग कर देगा मगर जहां तुमने मेरा हाथ थामा था ये दिल अभी भी वहीं ठहरा हुआ है उसी एक क्षण में आनंदित हो रहा है, उसी एक क्षण के सहारे तमाम कल्पनाओं के स्वप्न गढ़ के उनको पूरा करने के लिए दुनियां जहां को भुलाकर सिर्फ तुम्हें टकटकी लगाए देख रहा है, कि पता नहीं कब तुम अचानक आजाओगे और हृदय से लगा लोगे। वो जब देखे मुझे तो उसे खुद में और मुझमें कोई फर्क न दिखे, मैं जब निहारूं उसे तो मुझसे ज्यादा मुझ जैसी वो दिखे। अब ये मेरी ख्वाबों की दुनियाँ के सिरहाने सर सिर्फ मेरा ही होगा, ख्वाब होंगे तुम्हारे पर दर्द सिर्फ मुझे ही होगा। आने वाला हर दिन रंगपर्व की तरह हो तुम्हारा 😊 Have a Beautiful Life ahead ❤️
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