Broken Life
कोई मंजिल थी ही नहीं कोई मंजिल है ही नहीं बस दौड़ का नाम जिंदगी जो मिल गया वो अपना था ही नहीं जो अपना था वो मिला ही नहीं ये सांसें गिन रहा हूं मैं हर सांस के साथ एक ख्वाब मर जाता है ठहर जा मुसाफिर कहीं कफन ओढ़ने के बाद तो सब ठहर ही जाएंगे
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