"मैं BPSC अभ्यर्थी हूँ"
"मैं BPSC अभ्यर्थी हूँ" 📚 मैं किताबों के जंगल में, सपनों का एक राही हूँ। हर रात की नींद छोड़कर, मैं मंज़िल की चाहत चाही हूँ। 🕯️ ना कोई शोर, ना ताली है, सिर्फ़ पढ़ाई ही मेरी सवारी है। बिना रुके, बिना थके, हर दिन की एक नयी तैयारी है। 🇮🇳 जब दोस्ती करते हैं छुट्टियाँ, मैं इतिहास-दर्शन में खोया हूँ। जब दुनिया सोती है चैन से, तब मैं संविधान में रोया हूँ। 🔥 कभी प्रीलिम्स की कसौटी, तो कभी मेंस का भार। हर इंटरव्यू से पहले, दिल में उठता सवाल हज़ार। 💪 पर हार नहीं है मेरा शब्द, संघर्ष ही मेरा जीवन है। मैं वही अभ्यर्थी हूँ, जो कल बिहार का प्रशासन है। 🌟 कभी किसान का बेटा हूँ, कभी मज़दूर की बेटी हूँ। सपना बस इतना है मेरा — बदलाव की एक रेखा खींच दूँ।
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