Bas EK Baar
कोई एक बार, बस एक बार उससे बात करवा दे, इस दिल को फिर से उसकी याद आ गई है। ना जाने अब कैसी दिखती होगी वो, देखे बिन तो ज़िंदगानी की कितनी राहें कट गई हैं। कभी उसकी आँखों में खुद को देखा था, अब आइना भी अजनबी सा लगता है। वो आवाज़, जो नींदों में लोरी बनती थी, अब खामोशियों में भी नहीं सुनाई देती। बस जानना है, क्या अब भी बारिशों में भीगती है? क्या अब भी चाय में बिस्किट डुबोती है? क्या अब भी अपनी बातों से किसी की दुनिया हँसने पर मजबूर कर देती है? शायद बदल गई हो वो वक़्त की तरह, पर इस दिल ने तो अब भी वही तस्वीर संभाल रखी है। कोई तो उसे बता दे, कि अब भी कोई है, जो सिर्फ़ एक बात के लिए जी रहा है।
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