aakhari mulaqat
आख़िरी मुलाकात का लम्हा था ये, दिल की धड़कनें थम सी गईं थीं। रात की राहों में, चाँदनी बिखर गई, जैसे कि ख्वाबों की दुनिया चली गई थी। होंठों पे मुस्कान, पर दिल में गहरा दर्द, इस आख़िरी मुलाकात में, अलविदा कह गए थे हम। फिर ना हो पाएगी वो मुस्कान कभी, इस आख़िरी मुलाकात का एहसास रह गया। रात की ठंडक, सितारों की बातें, सब कुछ कह गया था बिना शब्दों के ही। आँसू छुपे थे दिल की गहराईयों में, इस आख़िरी मुलाकात का अलविदा अद्भुत था।
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