राम राम राम कहो(छन्द 8,8,8,8)
जब कभी कष्ट आता,पुकारते हो विधाता, सुख में पुकारे होते,तो ये कष्ट न आता यों। प्रभु को जपा करता,मन में ध्यान रखता अहं को दफा करता,कष्ट न तड़पाता यों। प्रभु बेड़ा पार करे, सभी कष्ट वही हरे, उनसे आस रखता, तब न घबराता यों? राम राम राम कहो, प्रभु के शरण गहो, पहले ये किया होता,आज न पछताता यों? नरेंद्र सिंह 28.04.2024
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