8 राममंदिर राष्ट्रीय अस्मिता
ये मंदिर का निर्माण नहीं, यह राष्ट्र का अभिमान है; झेला अपमान 500 वर्षो तक, उसका ये सम्मान है। जो कभी सोचा न था, वह असम्भव सम्भव हो गया; स्वाभिमान जागृत हुआ, जो अतीत में था खो गया। तृप्त हुई भारत की आत्मा, जो वर्षों से रो रही थी; हिंदुत्व की रूह जाग उठी,जो अब तक सो रही थी। ऐसा शुभ काल आया, जो सनातनियों में हर्ष लाया; कलिकाल के मध्य में ही,त्रेतायुग जैसा उत्कर्ष आया। कारसेवकों,रामभक्तों का,हमारे रोम-रोम पर ऋण है; जिनके कर्मयोग से, 22 जनवरी आया शुभ दिन है। ये मंदिर का निर्माण नहीं, यह राष्ट्र का अभिमान है; राममंदिर राष्ट्रीय अस्मिता है,भारत माँ की ये शान है। नरेंद्र सिंह 08.01.2024
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