कवि सम्मेलन 2nd
अभी मिले इस नव जीवन में, दुनिया के नक्शे देख लिए। घर से निकले कुछ पलों में, लोगों के किस्से देख लिए।। हर इंसान के दिलों में, बैचेनी को देख लिया। होठों की मुस्कुराहट के पीछे, आँखों में दर्द देख लिया।। गैरों के आँखों में दर्द, महसूस करके देख लिया। अपनों के हाथों में खंजर, पकड़े हुए देख लिया।। इस रंगीन दुनिया में भी, सुनापन महसूस कर लिया । इस मिले जीवन ने, बेगानापन देख लिया।। 5..... लोग तारीफें करते मेरी कहते है सलीका है , तहदिप है , अदब है तुझ में जो कुछ होना चाहिए वो सब है मुझ मैं, शुक्रिया मां तेरे ज्यादु ने कमाल कर दिया ।। कहते है ना कि खुदा हर जगह मौजूद नहीं रह सकता इसलिए उसने मां बनाया । पर ऐसा नहीं है कि मां को बनाकर, खुदा ने कोई जश्न मनाया, बल्कि सच तो यह है, कि वह बहुत पछताया......, जब उसका जादू किसी और ने छिन लिया, वह जान भी ना पाया.... खुदा का काम था मोहब्बत, वो मां करने लगी, खुदा का काम था हिफाजत, वो मां करने लगी, खुदा का काम था बरकत, वो भी मां करने लगी, देखते ही देखते उसकी आंखों के सामने कोई और परवरदिगार हो गया....... वह तब बहुत मायूस हुआ बहुत पछताया, क्योंकि मां को बनाकर खुदा खुद बेरोजगार हो गया। LOVE YOU MAA 💝
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