27/04/2026
जाने वाले कभी लौटकर नहीं आते, लौटकर आते भी हैं, तो पूरे कभी नहीं आते, अपना एक अंश हमेशा छोड़कर आते हैं। जिससे हमें स्नेह होता है, वह अंश कभी साथ लेकर नहीं आते। कहीं दूर, किसी के पास छोड़कर आते हैं। सारी बातें छोड़कर आते हैं, अपने साथ अपार मौन लेकर आते हैं। अपनी खिलखिलाती हँसी छोड़ आते हैं, और निराशा साथ लेकर आते हैं। अपना प्रेम छोड़ आते हैं कहीं, नफ़रत भरकर साथ लाते हैं। जाने वाले चले जाते हैं कहीं, वैसे कभी लौटकर नहीं आते।
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