23/०९/२०२४
कि बात नही होती तेरे मेरे बीच पर एक अपनापन सा लगता है, ये रिश्ता न होकर भी कुछ अपना सा लगता है। मैं अक्सर देखा करता हूं चुपके से तुझको तू एक पहेली जान पड़ती है मुझको मैं सुलझा दूॅं एक मौका तो दे एक बार इजहार करके तो देख तू पूछेगी तुम क्यों नही कहते मैं कहूंगा पहले तू कहके देख तेरे मेरे बीच जब एक रिश्ता होगा हर पहला लफ्ज़ मेरा होगा।।
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