करना पड़े उपाय (मापनी 2212-121
उत्तम रखो स्वभाव, धरना जरा न छाव । मन में रखो न ताव, पनपे नहीं दुराव। उर को रखो विशाल, जीवन रहे कमाल। छेड़ो वही प्रसंग, जन जन भरे उमंग।। करना पड़े उपाय, बदलो स्वयं सुभाय । जिसकी गिरा विनीत, वे तो रहे अभीत। मन को रखो उदार, उपजे सही विचार। उज्ज्वल रहे चरित्र,आत्मा रहे पवित्र।। नरेन्द्र सिंह, गया
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