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माघ इंजोरिया अठमी एतवार केशो जी कहलका मगही में। जजमान समवत साल 2014 हो, गरह गोचर बाचलका मगही में।। जबसे जनमली तबसे सुनली, सभे के बात हम्म मगही में। मुँह हम्मर जखनी खुलल हल त मा बोलली हल मगही में।। घर परिवार आउ टोला पड़ोस, सभे बोलs हला मगही में। गुरूजी के नगीच पढ़े गेली त उहो बोलs हला मगही में।। मगही हम्मर लोहु में रचल बसल, जे हम्म बोलs ही मगही में। जे जे हs सभे खाटी मगहिया , त तू लिखs,बोलs,मगही में।। नरेंद्र सिंह, मोहनपुर,अतरी, गया 10.01.2024
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