18. ज़ीवन साथ़ी
●●● जब दिल में आ गये हो, अब समझो यही ठिकाना। ये एक तरफ़ा रास्ता है, ज़ाना है, ये भूल जाना।। श़ाम-ओ-सहर महीने, ना सालों का जिक्र करना। ‘अयन’ रिश्ता ये ज़िंदगी का, जनम-ओ-जनम निभाना।। ●●● ©deovrat ‘अयन’ 24-06-2018
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