विष्णु प्रिया छंद(16,10)
सादर नमन करूँ। मैं हूँ तेरा कट्टर सेवक, दिल से भजन करूँ। एक तुम्हीं हो पूज्य धरा पर, सादर नमन करूँ।। आओ तुम प्रभु दर पर मेरा, चरण कमल पकडूँ। पद रज रखकर सिर पर, बाँह पाश जकडूँ।। भला कौन है यहाँ जगत में, जिसको मनन करूँ। एक तुम्हीं हो पूज्य धरा पर, सादर नमन करूँ।। दीन दयाला तुम्हीं कृपाला, आकर दर्शन दो। करो देर मत सुनो टेर अब, ममता वर्षण हो।। भक्त आस में खड़ा पास में, कबतक धैर्य धरूँ। एक तुम्हीं हो पूज्य धरा पर, सादर नमन करूँ।। सबके नायक सृष्टि विधायक, तुम पालन करता। अवगुण घालक रखता लायक, दर्द दुःख हरता । अंत समय तक जाप करूँ मैं, जपते गमन करूँ। एक तुम्हीं हो पूज्य धरा पर, सादर नमन करूँ।। नरेंद्र सिंह 20.06.2025
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