16.राम नाम ही सत्य है
चतुर्दिक गूँज उठा है,प्रभु राम नाम के नारों से; सम्पूर्ण जगत अचंभित है,राम के चमत्कारों से। आजतक धरा पर, न घटी है कभी ऐसी घटना; अखिल भारत में, हर घर रामअक्षत का बंटना। रामधुन,रामभजन व गूँज रहा है जय श्री राम; चारों ओर जिधर सुनो,उधर बस एक ही नाम। आज जब मात्र मन्दिर प्रभु राम का बन रहा है; और तब चारों ओर इतना महोत्सव मन रहा है। जरा विचार करें,वनवास से जब राम आये होंगे; उस वक्त लोग भला कितना उत्सव मनाएं होंगे। त्रेतायुग में राम वापसी पर जश्न की करे कल्पना जब साक्षात लोग देख रहे होंगे भगवान अपना। नरेंद्र सिंह 16.01.2024 ,
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