रात 12 से 3 का समय
हर रात आंखे जो भीगती है तेरी यादों में, चाहती हू कही और दिल लगा लूं इस जमाने में। पर क्या पता था ये मुम्किन कहा , तुम्हारे मुहोबत में तुम्हारे मुहोबत में।।
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