11 मानो त्रेता युग आ गया
राम जन्मभूमि ले रही है,भव्यता के आकार; सुशोभित हो रहा है बहुमूल्य स्वर्णजड़ित द्वार। पूरे अयोध्यानगरी भव्य अनुपम लग रही है; वहाँ की अलौकिक छँटा, मोहक लग रही है। मानो भारत की आत्मा बस गई है अवधपुरी में; भारतीयता घूम रही आज,इस नगरी की धुरी में। श्री राम प्रभु के नाम की महत्ता कैसी अपरम्पार; जिसके चलते हुआ, सनातन धर्म का पूर्णोद्धार। अवध पूरी में दिखने लगे,झुंड भालू,बन्दर,गिद्ध; एक से एक मनस्वी ,मुनि ,सन्त,योगी और सिद्ध। मानो साक्षात ऐसा लग रहा,आया पुनः युग त्रेता; जैसे प्रभु राम अवध लौटे थे,बनके लंका विजेता । नरेंद्र सिंह 11.01 2024
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