आख़िरी तोहफ़ा
ये लो आख़िरी फूल तुम्हारे नाम कर दिया, मेरी हड्डियों ने भी तुम्हारा एहतराम कर दिया। जिंदा था तो काँटे चुभाए थे तुमने, मरने के बाद मैने फूल तमाम कर दिया। न माफी मांगी, न शिकायत की तुमसे, बस अपनी कब्र का दरवाजा आम कर दिया। लोग कहते हैं मौत के बाद हिसाब होता है, मैने तो अपना हिसाब ये फूल दे कर तमाम कर दिया। अब ये फूल सूंघो, या इसको ठुकरा दो, मेरे हिस्से की मोहब्बत का ये अंजाम कर दिया।
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