हाल-ए-दिल
ख़यालों में तुझसे इतनी बातें करती हूँ, कि सामने आ सब भूल जाती हूँ। नज़रों को तेरी ऐसे ओढ़ती हूँ, कि पलकें झुकाना भूल जाती हूँ। अब हाल-ए-दिल क्या बताऊं तुझसे, तुझे दिल में रखकर, दिल को भूल जाती हूँ।
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