बेशर्म का पौधा?
बेशर्म का पौधा और मेरी मां देखा जाये तो दोनों कि ज़िन्दगी एक जैसी है जिसे सर्दी गर्मी बरसात पतझड़ बसन्त किसी भी मौसम में हमेशा भरा भरा देखा है उसी तरह मेरी मां है जिसको कभी भी किसी भी परिस्थिति में हंसते मुस्कुराते हुए देखा है। जो अपने बच्चे को जन्म देने के लिए 346हडडियो के टूटने के जितना दर्द तक सही लेती हैं क्योंकि अपने बच्चे के लिए दुनिया कि हर इंसान से लड़ जातीं हैं। और अपने बच्चे कि एक मुस्कान के लिए खुद ग़म सहे लेती हैं वो मेरी मां है जो मेरे लिए हजारों लोगों से लड़ाइयां लड़ी है,,
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