हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये
हर सितम सह कर कितने ग़म छिपाये हमने,🍺 तेरी खातिर हर दिन आँसू बहाये हमने,💔 तू छोड़ गया ❤️🩹जहाँ हमें राहों में अकेला, बस तेरे दिए ज़ख्म💌 हर एक से छिपाए हमने.
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