आप
POSSIBLE 🫠🫠??? क्या आपके मासूमियत की अभिव्यक्ति को मैं शब्दों में बता पाऊँगा। आपके माथे की बिन्दी और गालो के लाली जैसे समावेश को आपके सामने जता पाऊँगा || क्या, मैं कर पाऊँगा आलोचना आपके भौहों की, कैसे हो सकती है तुलना आपके साथ किसी औरो की !! लेकिन हाँ, रंगों की लाली को कुछ तो बताया जा सकता है, कानों की बाली व ऑखी की काली को थोड़ा तो जताया जा सकता है।। सुनो! आपकी आँखें जैसे भुलभुलैया के बीच का मकान । आपके चेहरे की लाली जैसे धर्नुधर के हाथों में कमान ! देखो। ये तो है कि आपके कानों की बाली देखकर, खुद को खोया जा सकता है। अन्ततः ऐसे में तो आत्मसमर्पण का बीज भी बोया जा सकता है।।
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