वैश्विक कनेक्टिविटी
चलते चलते ही जुड़ गए सारे दुनिया से हाथ, दूर बैठे जो लोग है उनका प्यार बहता रहता अब तार रहित संपर्क से; फ़सलों के दीवारे टूट रही या और मजबूत हो रही समझ नहीं आ रहा, जिनके चेहरे देखने के लिए आँखें महीनों तरस जाती, उनकी यादें बेजान चीजों में बस कर रह गई।
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