लक्ष्मी रानी
खिल उठा फूल सा घर उसके चहकने की आवाज़ सुनकर; वो आई जैसे एक ताजा हवा का झोंका बनकर, सबके चेहरे पर रौनक और हाथों की लकीरों पर सोना छापकर चल दी।
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