"एक वर्ष,अनंत साथ"
विगत वर्ष पहले बंधा था जो, विश्वास और स्नेह की डोर, आज वही बनकर जीवन-संगीत, उगते सूरज से पहले की भोर। नहीं चाहिए स्वर्णिम महल, नहीं चाहिए जग की शोभा सारी, बस यूँ ही थामे रहना हाथ मेरा, यही है जीवन की सबसे बड़ी फुलवारी। प्रेम केवल शब्द नहीं होता, यह त्याग, समर्पण और विश्वास है, तुम संग बीता हर एक क्षण, मेरे जीवन का मधुर इतिहास है। प्रथम वर्षगांठ के इस सुअवसर पर ईश्वर से बस यही प्रार्थना है— हमारा यह साथ यूं ही बना रहे, जब तक सांसों में जीवन की भाषा है। #Abhiksha ❤️ 🌹प्रथम वैवाहिक वर्षगांठ की हार्दिक शुभकामनाएं वल्लभा।।💐
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