अदला-बदली
अदला-बदली वो चंद बातों की, कुछ क़िस्सों की, कुछ यादों की। अदला-बदली वो कुछ मुस्कुराहटों की, कुछ ख़्वाबों की, कुछ ख़्वाहिशों की। अदला-बदली वो कुछ पनपते जज़्बातों की, कुछ दबी चाहतों की, कुछ नये लम्हातों की। अदला-बदली वो कुछ बेवजह की फ़िक्रों की, कुछ बेमतलब झगड़ों की, कुछ अनकहे वादों की। अदला-बदली यूँ ही चलती रही, और अनगिनत मासूम उम्मीदें पलती रहीं। कभी रूठने-मनाने की रस्में निभती रहीं, कभी ख़ामोशियों में भी बातें चलती रहीं। वक्त अपनी रफ़्तार से गुज़रता रहा, और धड़कनों में कुछ दास्तानें बसती रहीं। धीरे-धीरे दिलों ने रास्ते बदल लिए, ख़ुशियाँ सिमटती गईं, पर ज़िंदगी चलती रही। मगर आज भी कहीं यादों की खोह में, वो अदला-बदली महफ़ूज़ है- कुछ क़िस्सों की, कुछ मुस्कुराहटों की, कुछ ख़्वाबों की, कुछ अधूरी चाहतों की।
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