, मेरा किरदार
मेरे किरदार से अक्सर लोग नाराज लगते हैं। बिना देखें ही मेरे हाल में बदलाव लगते है। मेरी चौखट बैठी है उदासी ,कैसे समझाऊं? मैं नमी आंखों में लेकर कैसे मुस्काऊ, जो समझे आप में कैसी हूँ सो स्वीकार लगते हैं। मेरे किरदार से अक्सर लोग नाराज लगते है। निवेदन कर रही हूँ मै,अगर सब माफ करते हो मेरे लब्जो से पहुंचें जो शिकवे,साफ करते हो दुआ अपने लिए मांगू तो मैं,खुदगर्ज हो जाऊ माफ कहानी हो मेरी दुआ गर आप करते हो लिखावट में मेरी उलझी कहानी है । मेरे शब्दों में कुछ गहरे अहसास लगते है मेरे किरदार से अक्सर लोग नाराज लगते हैं नेहा फौजदार 🙏
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